Skip navigation (access key S)

Access Keys:

मेरा देखना छिपाएं

अभी किसी से बात करना चाहते हैं?

  • मुफ्त, गोपनीय कानूनी सलाह प्राप्त करें

    08001 225 6653 पर कॉल करें
  • सोमवार-शुक्रवार प्रातः 9 बजे - शाम 8.00 बजे
  • शनिवार प्रातः 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक।
  • 4 पैसे/मिनट से कॉलें - या हम आपको वापिस कॉल करेंगे

अपने क्षेत्र में कानूनी सलाहकार खोजें

38. मैं तलाक कैसे ले सकता/सकती हूं?

तलाक, विवाह की समाप्ति की कानूनी प्रक्रिया है। आपको तलाक लेने के लिए अपनी स्थानीय काउंटी कोर्ट में आवेदन करना होता है और कई फॉर्म भरने होते हैं। प्रक्रिया के प्रारंभ और अंतिम चरण में अदालत में फीस का भुगतान करना होता है।

पहले फॉर्म को याचिका (पेटिशन) कहा जाता है। इसमें विवाह से संबंधित मूल जानकारियों और तलाक के आधारों (या कारणों) का उल्लेख किया जाता है। एकमात्र आधार यह होता है कि आपका वैवाहिक संबंध पुनः नहीं जुड़ पाने की हद तक टूट चुका है और आपको निम्नलिखित पांच में से किसी एक कानूनी तथ्य के आधार पर इसे साबित करना जरूरी है। ये हैं:

  • व्याभिचार: आपके पति या पत्नी ने अपने विपरीत लिंग के व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाया हो और इसके परिणामस्वरूप आपको उसके साथ रहना जारी रखना अस्वीकार्य है।
  • बेतुका व्यवहार: इसमें ऐसा कोई भी व्यवहार शामिल है जो आपको अस्वीकार्य हो और आपको ऐसे व्यवहार के लगभग छह उदाहरण देने होंगे।
  • परित्याग: आपके पति या पत्नी ने आपको छोड़ने की योजना बनायी हो और वह आपके द्वारा कार्यवाही प्रारंभ करने के दो वर्ष पहले से अनुपस्थित हो।
  • दो वर्ष से अलग रहना: यदि आपका पति या पत्नी इसके लिए सहमत हैं और यदि आप दो वर्ष से अधिक समय से एक-दूसरे से अलग हैं, आप तलाक ले सकते हैं।
  • पांच वर्ष से अलग रहना: यदि आप पांच वर्ष से अधिक समय से एक-दूसरे से अलग हैं तो आप अपने पति या पत्नी की सहमति के बिना तलाक ले सकते हैं।

यदि विवाह से बच्चे हैं, तो आपको बच्चों की व्यवस्थाओं संबंधी विवरण (Statement of Arrangements for the Children) नामक एक फॉर्म भरना होगा।

ये दोनों फॉर्म और मूल विवाह प्रमाणपत्र स्थानीय काउंटी कोर्ट को दे देने चाहिए। इन्हें कोर्ट द्वारा आपके पति या पत्नी को डाक से भेजा जाता है। तलाक पर आगे कार्यवाही तबतक नहीं हो सकती है जबतक कि आपके जीवन-साथी ने कोर्ट को सर्विस फॉर्म की पावती वापस नहीं भेज दी हो, जो साबित करती है कि उसे कागज़ात मिल गए हैं अथवा कोर्ट के पास इसका कोई अन्य प्रमाण होना चाहिए।

जब ऐसा हो जाता है तो जिस व्यक्ति ने तलाक की कार्यवाही प्रारंभ की है (जिसे याचिकाकर्त्ता कहा जाता है), वह डिक्री नाइसाइ (Decree Nisi) के लिए एक आवेदन फॉर्म भरता है। इस फॉर्म में एक शपथ विवरण होता है जो याचिका में दी गई जानकारियों की पुष्टि करता है। तत्पश्चात, एक जिला न्यायाधीश सभी कागज़ात पर विचार करेगा और यदि वह इस बात से संतुष्ट होता है कि आप तलाक लेने का हक रखते हैं, वह एक डिक्री नाइसाइ प्रदान करेगा। डिक्री नाइसाइ के छह सप्ताह और एक दिन बाद, याचिकाकर्त्ता पूर्ण डिक्री (Decree Absolute) के लिए आवेदन कर सकता है जो विवाह समाप्ति की घोषणा होती है।

आपको और आपके जीवन साथी को तलाक की प्रक्रिया के दौरान वित्तीय समझौते के बारे विचार करना होता है। आप दोनों, डिक्री नाइसाइ प्रदान किए जाने के बाद अदालत से एक समझौते को मंजूरी देने के लिए कह सकते हैं। यदि आप और आपका जीवनसाथी किसी वित्तीय व्यवस्था पर सहमत नहीं होते हैं तो आप में से कोई भी अदालत से यह निर्णय करने के लिए कह सकता है कि कौन सी व्यवस्था न्यायोचित होगी।

वापिस शीर्ष पर